महाराष्ट्र के ठाणे स्थित माजीवाड़ा, कपूरबावड़ी में श्री आशापुरा धाम माता आशापुरा को समर्पित एक पवित्र धार्मिक स्थल है। यह मंदिर ठाणे, मुंबई और आसपास के क्षेत्रों के भक्तों के हृदय में विशेष स्थान रखता है। विशेष रूप से गुजराती और कच्छी समुदाय के श्रद्धालुओं की यहाँ गहरी आस्था है।
मंदिर के संबंध में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, आशापुरा धाम का इतिहास वर्ष 1962 से जुड़ा हुआ है। समय के साथ यह धाम माता आशापुरा के भक्तों के लिए आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। यहाँ श्रद्धालु माता के दर्शन करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आते हैं।
स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सौराष्ट्र, गुजरात से पधारे जमनागिरी गोस्वामी बापू तीर्थयात्रा के लिए तुंगारेश्वर तीर्थ की ओर जा रहे थे। अपनी यात्रा के दौरान वे ठाणे के कपूरबावड़ी क्षेत्र में पहुँचे। उस समय यह क्षेत्र आज के विकसित शहरी इलाके से बिल्कुल अलग था।
ऐसी मान्यता है कि यात्रा के दौरान बापू ने वहाँ एक वटवृक्ष (बरगद के पेड़) के नीचे विश्राम किया। इसी दौरान उन्हें स्वप्न में माँ आशापुरा की दिव्य प्रेरणा प्राप्त हुई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता ने उन्हें धरती के नीचे विराजमान अपने पवित्र स्वरूप के बारे में संकेत दिया और उन्हें उस दिव्य स्वरूप की खोज करने का मार्ग दिखाया।
माता आशापुरा की कृपा और दिव्य संकेत से जुड़ी यह घटना आशापुरा धाम की स्थापना की कथा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। आज यह धाम श्रद्धालुओं के लिए माता के प्रति अटूट विश्वास, समर्पण और भक्ति का प्रतीक है।
अपनी साधारण शुरुआत से लेकर ठाणे के धार्मिक जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त करने तक, श्री आशापुरा धाम अपने भक्तों की अटूट आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है।
मंदिर की पारंपरिक स्थापना की कथा, माँ आशापुरा की पवित्र पिंडी तथा प्रतिदिन होने वाली पूजा-अर्चना और धार्मिक उत्सव, इस धाम की आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
यह पवित्र धाम आज भी श्रद्धालुओं को आस्था, भक्ति, कृतज्ञता, एकता और सेवा के मूल्यों का अनुसरण करने की प्रेरणा देता है।
माँ आशापुरा की दिव्य कृपा से प्रत्येक भक्त और उसके परिवार के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य बना रहे।
‘आशापुरा’ नाम का पारंपरिक अर्थ है भक्तों की आशाओं और मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली देवी।
अनेक श्रद्धालुओं के लिए आशापुरा धाम की यात्रा केवल एक धार्मिक गतिविधि नहीं, बल्कि माँ के प्रति कृतज्ञता, अटूट आस्था और गहरे आध्यात्मिक जुड़ाव को व्यक्त करने का एक पवित्र माध्यम है। भक्त माँ आशापुरा के चरणों में अपनी प्रार्थनाएँ अर्पित करते हैं और उनके दिव्य आशीर्वाद की कामना करते हैं।